Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.63
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.63
- Language
- Hindi
c4.63
भरहुत के अर्ध चित्रों में पुरुष सकच्छ धोती पहनते हैं जो कभी आधे पैरों तक और कभी पूरे पैरों तक पहुंचती थी। धोती के साथ-साथ, कमरबन्द, पटके, दुपट्टे, और पगड़ियां पहनने को भी चाल थी। इस युग में दक्षिण भारत के पहरावे में कुछ अंतर था। शुंगयुग में पगड़ियां अनेक तरह से बांधी जाती थीं। साधारण रीति से तो सिर पर बाल के झूट के चारों ओर पगड़ी के फेंटे बांध लिये जाते थे। लट्टूदार साफा, कामदार साफा, झालरदार साफा, पीछे उभरा साफा, अटपटी पगड़ी, हलका साफा, अटपटी लट्टूदार पाग तथा छोटे झालरदार साफा पहने जाते थे।