Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.67
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.67
- Language
- Hindi
c4.67
ई० पू० पहली शताब्दी की वेश-भूषा ई० पू० दूसरी शताब्दी को वेश-भूषा से मिलती; है पर उसमें थोड़ा अंतर भी आ जाता है। धोती सादी होती है और भारी कमरबंदों और पटकों का अभाव सा है; लेकिन लोग अपने कपड़े सजा कर पहनते थे। अनुचर वर्ग और सिपाही सिले कपड़े भी पहनते थे। स्त्रियां अपनी धोती और चादरें खूब सजा कर पहनती थीं। इस युग की दक्षिणी वेश-भूषा कुछ टीमटाम वाली होती थी। इस युग की वेश-भूषा के इतिहास की सामग्री हमें सांची और भाजा के अर्ध चित्रों से, अजंठा के ९-१० नं० की लेणों के भित्ति चित्रों से तथा मथुरा और कौशांबी से मिली मिट्टी को मूर्तियों से मिलती है।