Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.81
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.81
- Language
- Hindi
c4.81
इस युग में कपास खूब होती थी । कपास बाजार से खरीद कर धुन ली जाती थी और उससे एक सा महीन सूत कात लिया जाता था । बुनकर चीर छोड़ कर कपड़े बिनते थे और उनकी स्त्रियां ताने पर माड़ी देती थीं ।