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Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.87

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.87

Language
Hindi

c4.87

कर सूती वस्त्रों से है । काशी की मलमल बड़ी महीन होती थी और उससे पहनने के कीमती कपड़े बनते थे । फलक नाम का वस्त्र शायद फाल के रेशों से बनता था। अपरांत में बने वस्त्र को अपरांतक कहते थे । फुट्टक वस्त्र से शायद छींट का मतलब है । पुष्पपट्ट से किखाब का तात्पर्य है ।