Pracin Bharatiya Veshabhusha c8.3
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c8.3
- Language
- Hindi
c8.3
चन्द्रगुप्त मौर्य ने ३२० ई० पू० नंदवंश का उन्मीलन कर के मगध साम्राज्य की शासनडोर संभाली। इस युग की राज्यव्यवस्था और सामाजिक दशा का सुन्दर चित्रण चन्द्रगुप्त के मंत्री कौटिल्य ने अपने अर्थशास्त्र में किया है। चन्द्रगुप्त के पौत्र अशोक (ई० पू० २७२-२३२) भारतवर्ष के महान् शासकों में अपना ऊंचा स्थान रखते हैं। अशोक बौद्ध थे और बौद्धधर्म के प्रचारार्थ उन्होंने बौद्ध भिक्षुओं को इस देश के बाहर भेजा। उनके शिलालेख प्रजा को धर्मपालन की शिक्षा देते हैं। अशोक ने अपने साम्राज्य में बहुत से बौद्ध स्तूप भी बनवाये। अशोककालीन मौर्य साम्राज्य का विस्तार तमाम उत्तर भारत, पूर्वी अफगानिस्तान, कश्मीर तथा दक्षिण तक फैला हुआ था। मौर्यों का शासन काल ई० पू० १८४ तक रहा। इसके बाद शुंगों ने और बाद में कण्वों ने राज्य किया। इस युग में सातवाहनों ने जिनके पास कृष्णा गोदावरी के घाटियों में बहुत से किले थे अपना विस्तार पूना से उज्जैन तक बढ़ाया और उनके वंशवाले करीब ४५० वर्ष तक राज्य करते रहे। ई० पू० ७०-२० के बीच में पंजाब और मथुरा में शक राज्य करते थे।