Pracin Bharatiya Veshabhusha c8.s1.1
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c8.s1.1
- Language
- Hindi
c8.s1.1
कौटिल्य अर्थशास्त्र में तरह तरह के चमड़ों और समूरों का विशद वर्णन दिया हुआ है। ये समूर और चमड़े हिमालय से आते थे और इतने कीमती समझे जाते थे कि राजभंडार में रत्नों तथा और सुगंधित द्रव्यों के साथ रखे जाते थे। निम्नलिखित समूरों और चमड़ों की परिभाषाएं श्री गणपति शास्त्री द्वारा संपादित अर्थशास्त्र से ली गयी हैं। श्री शामा शास्त्री के अंग्रेजी अनुवाद का भी संकेत इसलिए कर दिया गया है कि उनके अनुवाद और श्री गणपति शास्त्री की टीका में काफी अंतर है।
Linked texts (1)
- Kauṭilīya Arthaśāstra — Kauṭilya, Sanskrit