भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c25.s1.5
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c25.s1.5
- Language
- Hindi
c25.s1.5
२०० के लिये १०० का चिह्न लिख उसकी दाहिनी ओर, कभी ऊपर कभी मध्य और कभी नीचे की तरफ़, आड़ी (सीधी, तिरछी या वक्र) रेखा जोड़ी जाती थी१. ३०० के लिये १०० के चिह्न के साथ वैसे ही दो लकीरें जोड़ी जाती थीं. ४०० से ६०० तक के लिये १०० का चिन्ह लिख उसके साथ क्रमशः ४ से ६ तक के अंक एक छोटी सी आड़ी लकीर२ से जोड़ देते थे. १०१ से ६६६ तक लिखने में सैकड़े के अंक के आगे दहाई और इकाई के अंक लिखे जाते थे, जैसे कि १२६ के लिये १००, २०, ६ ; ६५५ के लिये ६००, ५०, ५. यदि ऐसे अंकों में दहाई का अंक नहीं हो तो सैकड़े के बाद इकाई का अंक रक्खा जाता था, जैसे कि ३०१ के लिये ३००, १. (देखो, लिपिपत्र ७५ में मिश्र अंक).