भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c25.s1.6
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c25.s1.6
- Language
- Hindi
c25.s1.6
२००० के लिये १००० के चिह्न की दाहिनी ओर ऊपर को एक छोटीसी सीधी आड़ी (या नीचे को मुड़ी हुई) लकीर जोड़ी जाती थी और ३००० के लिये वैसी ही दो लकीरें. ४००० से ६००० तक और १०००० से ६०००० तक के लिये १००० के चिह्न के आगे ४ से ६ तक के और १० से ६० तक के चिह्न क्रमशः एक छोटी सी लकीर से जोड़े जाते थे (देखो, लिपिपत्र ७५). ११००० के वास्ते १०००० लिख, पास ही १००० लिखते थे. इसी तरह २१००० के लिये २००००, १०००; ६६००० के लिये ६००००, ६००० लिखते थे. ऐसे ही ६६६६६ लिखने हो तो ६००००, ६०००, ६००, ६०, ६ लिखने थे. यदि सैंकड़ा और दहाई के अंक न हों तो हज़ार के अंक के आगे इकाई का अंक लिखा जाता था, जैसे कि ६००१ लिखना हो तो ६०००, १.