History of Mediaeval Hindu India (being a History of India from 600 to 1200 A.D.) v1.c24.4
History of Mediaeval Hindu India (being a History of India from 600 to 1200 A.D.) v1.c24.4
- Language
- English
v1.c24.4
थस्यायापि विबुद्धकुन्दकुमुदक्षुण्णाच्छहाराततम् । लोहितस्य तटेषु शीलतलतेपुकुलनागद्रुमः । च्छायासुतविबुद्धसिद्धमिथुनैः स्फीतं यशो गीयते ॥ १४ ॥ वसुदेवादिंव तस्माच्छ्रीसेवनक्षोदितचरणयुगः । श्रीमाधववोऽभून्माधव इव विक्रमैकरसः ॥ १५ ॥ --- अनुस्मृतो धुरि रणे श्लाघावतामग्रणीः । सौजन्यस्य निधानमर्थनिचयत्यागोद्धराणां ध ( व ? ) रः । लक्ष्मीसत्यसरस्वती कुलगृहं धर्मस्य सेतुदृढः । पूज्यो नास्ति स भूत --- सद्गुणैः १६ ॥ चक्रं पाणितलेन सोऽप्युद्वहत्तमाऽपि शार्ङ्गं धनु- । निशायासुहृदां सुखाय सुहृदां तस्याप्यसिनन्दकः ॥ प्राप्ते विद्विषतां वधे प्रतिहत ( - ) तेना प [ -- ] --- धरिम [ -- ] न्याः प्रणेमर्जनाः ॥ १७ ॥ आजौ मया बिनिहता बलिनो द्विषन्तः । कृत्यं न मेऽस्त्यपरमित्यवधार्य वीरः ॥ श्रीहर्षदेवनिजसंगमवाञ्छयाच । --- ॥ १८ ॥ श्रीमान् बभूव दलिताकिरीन्द्रकुम्भ-- । मुक्कारजःपटलपांसुल मण्डलायः ॥ आदित्यसेन इति तत्तनयः क्षितीश । चूडामणिर्दु --- ॥ १९ ॥ --- मागतमरिध्वंसित्धमातं यशः । श्लाघ्यं सर्वधनुषमतां पुर इति श्लाघ्यं परां बिभ्रती ॥ आशीर्वादपरंपरा चिरसकृद् --- --- । --- यामासं ॥ २० ॥ आजौ स्वेदच्छलेन ध्वजपट शिखया मार्जितो दानपंकम् । खड्गं क्षुण्णोन मुक्तां शकल सिकतिली कृत्य --- ॥ --- मत्तमातंगघातम् । तद्वाधाकृष्टसर्पहल्लपरिमलभ्रान्तमत्तालिजालम् ॥ २१ ॥ आबद्धभीमविकटभ्रुकुटी कठोर- । सग्राम --- --- ॥ --- व वल्लभभृत्यवर्ग- । गोष्ठीषु पेशलतया परिहासशालिः ॥ २२ ॥ सत्यभतृ व्रता यस्य मुखोधानताप्सी । परिहास --- --- ॥ २३ ॥ --- -ज्ञः सकलरिपुचलवंशहेतुर्गरीयान् । यत्त्रिंशोखातघातश्रमजनितजडोऽप्यजितस्वप्रतापः ॥ युद्धे मत्तेभकुम्भस्थल --- --- । -- श्वेतातपत्रस्थगितवसुमतीमण्डलो लोकपालः ॥ २४ ॥