Pramāṇa · Search · About · API

Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.121

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.121

Language
Hindi

c4.121

समुद्रगुप्त (३३५-३८५ ई० पू०), चंद्रगुप्त द्वितीय (३८५-४१५) और कुमारगुप्त (४१४-४५५) में साम्राज्य के बढ़ने के साथ ही कला और साहित्य की अभूतपूर्व उन्नति हुई । गुप्तयुग सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भारतीय इतिहास का स्वर्णयुग माना जाता है । महाकवि कालिदास ने इसी युग में अमर काव्यों और नाटकों की रचना की। भौतिक संस्कृति भी किसी से पीछे न रही। अजंटा के भित्ति चित्रों और पुरातत्व के अवशेषों से हम उस युग की संस्कृति का पूरा खांका खींच सकते हैं। कपड़े पहनने का लोगों को इतना शौक था कि प्रसाधन के लिए संस्कृत साहित्य में अनेक शब्द आये हैं।