Pramāṇa · Search · About · API

Viyahapannatti 12.2.534

Viyāhapannatti: Hindi translation (Dīparatnasāgara, 2019) 12.2.534

Language
Hindi

12.2.534

उस काल और उस समय में कौशाम्बी नगरी थी। चन्द्रवतरण उद्यान था। उस कौशाम्बी नगरी में सहस्त्रा – नीक राजा का पौत्र, शतानीक राजा का पुत्र, चेटक राजा का दौहित्र, मृगावती देवी का आत्मज और जयन्ती श्रमणोपासिका का भतीजा ‘उदयन’ नामक राजा था। उसी कौशाम्बी नगरी में सहस्रानीक राजा की पुत्रवधू, शतानीक राजा की पत्नी, चेटक राजा की पुत्री, उदयन राजा की माता, जयन्ती श्रमणोपासिका की भौजाई, मृगावती नामक देवी (रानी) थी। वह सुकुमाल हाथ – पैर वाली, यावत्‌ सुरूपा, श्रमणोपासिका यावत्‌ विचरण करती थी। उसी कौशाम्बी नगरी में सहस्त्रानीक राजा की पुत्री, शतानीक राजा की भगिनी, उदयन राजा की बूआ, मृगावती देवी की ननद और वैशालिक के श्रावक आर्हतों की पूर्व शय्यातरा ‘जयन्ती’ नाम की श्रमणोपासिका थी। वह सुकुमाल यावत्‌ सुरूपा और जीवाजीवादि तत्त्वों की ज्ञाता यावत्‌ विचरती थी।

Translations (2)

Commentaries (1)

Linked texts (1)